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डॉ. संदीपा दीक्षित की कलम सेः आर डी आनंद - संक्षिप्त परिचय

संपादकीय टीम 5 जनवरी 2026 को 08:46 am बजे
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फैजाबाद

श्री आर डी आनंद की प्रारंभिक शिक्षा का सफर प्राइमरी पाठशाला धिरौली बाबू, जिला बस्ती में जुलाई 1971 से प्रारम्भ हुआ और जून 1977 में खत्म हो गया। इसके पश्चात आपकी बड़ी बुआ श्रीमती रामपती और फूफा श्री रामअचल ने आपके लालन-पालन, शिक्षा और विवाह की जिम्मेदारी निभाई। बेसिक शिक्षा के बाद आपने 3 जुलाई 1977 को कक्षा 6 में प्रवेश लेकर राष्ट्रीय इंटर कॉलेज सुदीपुर, बस्ती से 1982 में हाई स्कूल और 1984 में इंटरमीडिएट किया।

उसी दौरान 13 मई 1981 को लक्ष्मणपुर जिला बस्ती के अत्यंत गरीब दलित परिवार में श्रीमती अवतारी देवी और श्री बुधिराम की मझली बेटी शारदा के साथ विवाह संपन्न हुआ। तत्पश्चात, आप अपनी छोटी बुआ श्रीमती प्राणपती और फूफा श्री संतराम के घर 14/242, नई बस्ती, पुराना बरफ खाना, लखनऊ चले गए। उन्हीं के अभिभावकत्व में रहकर श्री जयनारायण डिग्री कॉलेज, लखनऊ (कान्यकुब्ज डिग्री कॉलेज, लखनऊ) से 1986 में कला स्नातक की डिग्री तथा 1988 में अंग्रेजी विषय में परास्नातक की डिग्री ली। 26 जनवरी 2023 में भागलपुर विश्वविद्यालय, बिहार ने पीएचडी की डिग्री प्रदान की। माता/पिता की गरीबी के कारण पापा जी को अपनी दोनों बुआ की शरण में रहकर शिक्षा ग्रहण करनी पड़ी। पापा जी अपनी दोनों बुआ और फूफा को उचित सम्मान देते हुए अपने लेखन में उनकी तारीफ करते नहीं थकते हैं।

श्री आर डी आनंद ने 1 सितम्बर 1990 को भारतीय जीवन बीमा निगम, शाखा अयोध्या, फैज़ाबाद में सहायक के पद पर नौकरी ज्वाइन की। फैज़ाबाद में ही आपके चार बच्चे-प्रशांत आनंद (9 अगस्त 1991), श्वेता आनंद (23 मई 1995), साक्षी आनंद (29 अगस्त 1996) और सिद्धांत आनंद (2 सितंबर 1997) पैदा हुए। इस समय सभी भाई/बहन पोस्ट ग्रेजुएट हैं। वे हमें बताते हैं कि मेरे पिता जी, मेरे फूफा जी और मेरे ससुर जी अपने-अपने गाँव में सवर्णों के घर हरवाही करते थे। इनमें से किसी के पास खेती की जमीन नहीं थी। सभी खेत मजदूर थे। वे बताते हैं कि वे अपने गाँव/जवार के पहले दलित ग्रेजुएट हैं। वे नौकरी में आने के तुरन्त बाद 1993 में ही डायबिटिक हो गए। श्री आर डी आनंद लगभग 28 वर्षों से डायबिटिक हैं। उन्हें 2016 में पैरालिसिस का अटैक पड़ चुका है। बहुत संयमित जीवन जीते हुए भी उनके हार्ट की तीनों मुख्य आर्टरीज और दो अन्य सपोर्टिंग आर्टरीज 90 प्रतिशत ब्लॉक हो गईं। 14 दिसम्बर 2017 को अचानक हुए एंजाइना पेन को पहचानते हुए उन्होंने 22 दिसंबर 2017 को मेदांता गुड़गाँव, हरियाणा में डॉ. रजनीश से परामर्श लिया और तत्काल एडमिट हो गए। चूँकि, अपनी बीमारी की गंभीरता को उन्होंने डॉक्टर रजनीश से पूर्व ही डिस्कस कर लिया था इसलिए बिना किसी असमंजस और उहापोह के 23 दिसम्बर 2017 को डॉ. त्रेहन के नेतृत्व में डॉक्टर्स की एक टीम ने उनका सफल बाईपास सर्जरी कर दिया। हार्ट ऑपरेशन से स्वस्थ होकर मेदांता से लौटने के बाद 27 जनवरी 2018 को उनका गॉलब्लेडर फट गया। पुनः उनको 31 जनवरी 2018 को मेदांता में भर्ती होना पड़ा। गॉलब्लेडर की वजह से लगभग तीन माह पेट में ड्रेन बनाकर गंदा खून निकालने के लिए उन्हें एक पॉलीथिन बैग टाँगे रहना पड़ता था और लगातार वे मेदांता की निगरानी में रहे। तीन महीने के कठिन इलाज और देखभाल के उपरान्त पुनः 3 अप्रैल 2018 को उनके पेट का ऑपरेशन कर गॉलब्लेडर को निकाल दिया गया। डॉक्टर्स की एक अन्य टीम ने उनके डायबिटीज पर राय कायम की कि उनको अब निरंतर इन्सुलिन ही लेना चाहिए। तब से वे सुबह/शाम हार्ट, पेट और डायबिटीज की दवा के साथ-साथ दो बार इन्सुलिन भी लेते हैं। इन्सुलिन एक इंजेक्शन है जिसे वे अपने हाथ से पेट में लगाते हैं। इस समय वे बिल्कुल स्वस्थ हैं।

आनंद सर सुबह-शाम इन्सुलिन लेते हैं। यही नहीं, वे दोनों समय दवा की पाँच-पाँच टेबलेट भी लेते हैं। एक दिन व्यक्तिगत बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि वे प्रत्येक माह लगभग 11,000/- की दवा खाते हैं। आनंद सर की सबसे बड़ी विशेषता है कि वे स्वयं को रोगी नहीं समझते हैं। वे अपने शरीर की क्रियाओं और उसके लक्षण को पहचानने की समझ रखते हैं। वे अपने शरीर की क्रियाओं का बहुत सही मूल्यांकन करते हैं। और यदि वे किसी को न बताएँ तो कोई भी उन्हें किसी भी दृष्टि से मरीज नहीं कह सकता है। वे निरंतर लिखते/पढ़ते रहते हैं। सचमुच, उनकी जिजीविषा और महत्वाकांक्षा अनुकरणीय है। वे बहुत ही धैर्यवान व्यक्ति हैं। वे कहते हैं कि मैं अपने शरीर के एक-एक अंग का नवीनीकरण करवा कर जिंदा रहूँगा और शरीर को बिल्कुल निचोड़ कर अंतिम साँस लेना चाहूँगा। उनके दोनों सफल ऑपरेशन के बाद एक दिन ऑफिस में जब ऑफिस के कलीग उनके स्वास्थ्य और लॉन्गेविटी की चर्चा कर रहे थे तब उन्होंने हँसते हुए कहा कि आप लोग बिल्कुल चिंतित न हों, मैं 81 वर्ष की अवस्था पूरा करके 13 अगस्त 2046 को ही मरूँगा। लोग हँसे जरूर लेकिन लोगों को आश्चर्य भी हुआ। वे कहते हैं कि उन्हें न मृत्यु से डर लगता है और न ही वे मृत्यु की परवाह करते हैं।

श्री आर डी आनंद SUCI, AIDSO, AIDYO, AIUTUC में नौकरी से पूर्व कार्य कर चुके हैं। एक साहित्यिक संगठन 'विचार भूमि' के 'महासचिव', आम्बेडकर दर्शन पत्रिका के 'संपादक मंडल सदस्य', अखिल भारतीय शिक्षा प्रचार-प्रसार समिति, अमोढ़ा, बस्ती के 'उपाध्यक्ष' रह चुके हैं। वर्तमान में भारतीय नाट्य संघ (इप्टा) और प्रगतिशील लेखक संघ (प्रलेस) के 'जिला सचिव' तथा भारतीय जीवन बीमा निगम में ऑल इंडिया इंश्योरेंस एम्प्लाइज एसोसिएशन (AIIEA) के अनुषांगिक मंडल संगठन बीमा कर्मचारी संघ फैज़ाबाद डिवीजन (BKSFD) के 'मंडल अध्यक्ष' हैं।

श्री आर डी आनंद बहुत ही अध्ययनशील व्यक्ति हैं। अक्सर वे 2 बजे रात तक पढ़ते हैं। आर डी आनंद सर के अनुसार, "मैं पढ़ने-लिखने के बाद रात में 2 बजे के बाद सोता हूँ तथा सुबह 8 बजे उठता हूँ। सबसे पहले ब्रश, फिर चाय, फिर फ्रेश हुआ, फिर नहाया, फिर इन्सुलिन, फिर नाश्ता, फिर ड्रेसअप और ठीक 10 बजे ऑफिस में उपस्थित। सीट पर बैठ जाने के बाद यदि कोई अर्जेंट अथवा इमरजेंसी न हुई तो ठीक 1.30 पर सीट छोड़ देता हूँ और सीधे घर पहुँचकर लंच लेता हूँ। पुनः 2.15 तक अपनी सीट पर बैठ जाता हूँ। एक दिन में तकरीबन 200 रिवाइवल करता हूँ। एक रिवाइवल करने के लिए कम से कम चार पेपर कोटेशन, डीजीएच, फ़ोटो, आईडी और कोरोना फॉर्म चेक करते हुए सभी पेपर्स पर सिग्नेचर बनाना होता है। सभी पेपर्स मिलाकर उसमें सम अश्योर्ड, ट्रैवल-टर्म, आयु, पॉलिसी संख्या, नाम, एफयूपी, डीओसी, मेडिकल, नॉन मेडिकल, स्पेशल रिपोर्ट, व्यवसाय, सारी घोषणाएँ, हाइट, वेट, चेस्ट, एब्डॉमिन, बीपी, हार्ट रेट, पल्स रेट, डेट, मेंसुरेशन डेट, अबॉर्शन, मिसकैरेज, लास्ट बर्थ, कोई अन्य रोग, पार्टी का सिग्नेचर, विटनेस का सिग्नेचर, शिक्षित है अथवा अशिक्षित, अँगूठा है, कोविड है या नहीं, पुनः सब कुछ कंप्यूटर खोल कर मिलान करना, फिर उस डाटा को कंप्यूटर में फीड करना होता है। यह है एक व्यक्ति के रिवाइवल का पूरा प्रोसीजर। इसी दौरान कई लोग इन्क्वायरी भी करते हैं। उन्हें मना नहीं किया जा सकता है। इतनी कठिन ड्यूटी के बाद अपना अध्ययन-अध्यापन और लेखन निश्चित सरल नहीं है। कठिन है पर करने योग्य है।" लगभग एक सौ पत्रिकाओं के वे सदस्य हैं और सभी उनके पते पर आती हैं। महीने में लगभग 20 किताबें तो वे बाइपोस्ट मँगाते ही हैं। उनके घर तकरीबन दस हजार किताबें तो होंगी ही। एक दिन कुछ साथी मिलकर उनके कार्यालय में उनके अध्ययन के खर्च जोड़ रहे थे। पता चला कि उन्होंने अपने नौकरी काल (30 वर्ष) में लगभग 36 लाख रुपए अपनी कॉपी-किताबों पर खर्च कर डाले हैं। उनके अध्ययन की क्षमता देखकर हैरत होती है। मैंने उन्हें देखा है वे अपने मोबाइल पर मात्र दाहिने अँगूठे से बहुत तीव्र गति से टाइप करते हैं। वे अपने बहुत बड़े-बड़े लेख एक दिन में सारे कार्य करते हुए टाइप कर डालते हैं। उन्होंने लगभग अपनी 30 पुस्तकों को एक अँगुली से मोबाइल पर ही टाइप किया है। वे दो सौ पेज के पुस्तक की प्रूफ रीडिंग सारे दैनिक कार्यों को करते हुए मात्र दो दिन में कर डालते हैं। श्री आर डी आनंद की प्रतिभा किसी से छिपी नहीं है। श्री आर डी आनंद ऑफिस के कार्यों को बहुत स्पीड और एक्यूरेसी से करते हैं। वे बहुत तेज पढ़ते हैं। वे बहुत तेज लिखते हैं। वे हाट-बाजार बहुत घूमते हैं। वे नात-रिश्तेदार के घर भी खूब आते-जाते हैं। वे लोगों को फोन भी खूब करते हैं। वे अपनी पत्नी के साथ भी खूब टहलते हैं। वे फोटो बहुत खिंचवाते हैं। वे अन्य लोगों की भी फोटो बहुत खींचते और प्रिंट करवाते रहते हैं। वे बात भी खूब करते हैं। वे गाड़ी भी बहुत स्पीड में चलाते हैं। वे भाषण भी बहुत स्पीड में देते हैं। वे लिखने, पढ़ने और भाषण की कला में बहुत ही प्रवीण हैं। वे जितना सक्रिय ऑफिस में रहते हैं, उतने ही सक्रिय घर में रहते हैं और उतने ही सक्रिय सामाजिक क्षेत्रों में भी रहते हैं। उनकी एक बात बहुत निराली है। वे सभी को खुश रखने की कोशिश करते हैं और सबसे खुश भी रहते हैं। वे कहते हैं कि लोगों से खुश रहने के लिए उनकी गलतियों को नजरअंदाज करना पड़ता है और लोग आप से खुश रहें इसलिए लोगों को माफ करते रहना पड़ता है। उन्होंने अपने अध्ययन का सृजन भी किया है। उनकी लिखने की प्रतिभा से भी सभी वाकिफ़ हैं। अब तक उनकी स्वयं की लिखी 58 पुस्तकें तथा 30 साझा-संकलन भी प्रकाशित हैं।

आर. डी. आनंद

जन्मतिथि : 05 जनवरी 1965

माता : श्रीमती धर्मा रानी

पिता : श्री राम आसरे

ग्राम : बुझावकपुर, पोस्ट : धिरौली बाबू, जिला : बस्ती (उ.प्र.)

हाई स्कूल : राष्ट्रीय इंटर कॉलेज, सुदीपुर, बस्ती (1982)

इंटरमीडिएट : राष्ट्रीय इंटर कॉलेज, सुदीपुर, बस्ती (1984)

स्नातक : श्री जयनारायण डिग्री कॉलेज, लखनऊ (1986)

परास्नातक: लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ (1988)

पीएचडी की मानद उपाधि: भागलपुर विश्वविद्यालय, बिहार (2023)

डी.लिट की मानद उपाधि: भागलपुर विश्वविद्यालय, बिहार (2025)

पक्षधरता : आम्बेडकरवाद, मार्क्सवाद और प्रगतिशीलता

सम्प्रति : उच्च श्रेणी सहायक, भारतीय जीवन बीमा निगम, फैज़ाबाद-224001

(लेखक की अभी तक व्यक्तिगत 58 पुस्तकें एवं साझा-संकलन की 30 पुस्तकें प्रकाशित हैं। सैकड़ों छोटी-बड़ी पत्रिकाओं में लेख और कविताएँ प्रकाशित हो चुकी हैं।)

सम्पर्क:

डॉ. आर डी आनंद

एल-1316, आवास विकास कॉलोनी,

बेनीगंज फैज़ाबाद,

अयोध्या-224001

मो. 9451203713

ईमेल: rd.anand813@gmail.com

प्रकाशित कृतियाँ:

1) आत्मकथा:

  1. क्या लिखूँ क्या छोड़ दूँ-(आत्मकथा-2019), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  2. कुछ यादें कुछ भूलें-(संस्मरण-2021), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  3. मेरी प्रकृति और स्त्रियाँ (आत्मकथात्मक संस्मरण-2022), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली

2) साहित्य सिद्धांत:

  1. दलित साहित्य के प्रतिमान (साहित्य-सिद्धांत-2019), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  2. दलित साहित्य का नया सौंदर्यशास्त्र (साहित्य-सिद्धांत-2019), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली

3) आलोचना:

  1. प्रतिक्रिया का यथार्थ (आलोचना-2011), उद्भावना प्रकाशन, झिलमिल इंडस्ट्रियल, दिल्ली
  2. बॉस! आप किधर जा रहे हैं (आलोचना-2011), विचार भूमि प्रकाशन, फैज़ाबाद
  3. मलखान सिंह : आधुनिक शेक्सपियर (आलोचना-2019), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  4. दलित परिवेश और मलखान सिंह (आलोचना-2019), रवीना प्रकाशन, दिल्ली
  5. दलित साहित्य और उसका समय (आलोचना-2021), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  6. दलित साहित्य और उसकी अभिव्यक्ति (आलोचना-2021), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  7. आम्बेडकर और आलोचनात्मक राजनीति (आलोचना-2021), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  8. मेरे आलोचक (विमर्श-2021), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  9. पाहीमाफी : कलात्मक जीवन राग-(आलोचना-2021), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली

4) गद्य-संग्रह:

  1. दलित चिंतन और कम्युनिज्म-(2006), उद्भावना प्रकाशन, झिलमिल इंडस्ट्रियल, दिल्ली
  2. जातिप्रथा : उत्पत्ति और उन्मूलन-(2006), उद्भावना प्रकाशन, झिलमिल इंडस्ट्रियल, दिल्ली
  3. मान्यवर कांशीराम : एक संक्षिप्त अध्ययन-(2007), विचार भूमि प्रकाशन, फैज़ाबाद
  4. आम्बेडकर विचारधारा और मार्क्सवाद-(2010), विचार भूमि प्रकाशन, फैज़ाबाद
  5. अन्ना आंदोलन और हम-(2011), विचार भूमि प्रकाशन, फैज़ाबाद
  6. दलित प्रश्न और मार्क्सवाद-(2013), उद्भावना प्रकाशन, झिलमिल इंडस्ट्रियल, दिल्ली
  7. वैश्वीकरण के दौर में-(2013), विचार भूमि प्रकाशन, फैज़ाबाद
  8. सहारनपुर काण्ड और भीम आर्मी-(2017), उद्भावना प्रकाशन, झिलमिल इंडस्ट्रियल, दिल्ली
  9. क्या आर्य भारतीय हैं-(2017), उद्भावना प्रकाशन, झिलमिल इंडस्ट्रियल, दिल्ली
  10. भारतीय संविधान और डा. आम्बेडकर-(2017), उद्भावना प्रकाशन, झिलमिल इंडस्ट्रियल, दिल्ली
  11. आम्बेडकर के बाद दलित राजनीति-(2018), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  12. दलित साहित्य और मार्क्सवाद-(2021), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  13. दुनिया देश और दलित-(2021), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  14. स्त्री चिंतन और प्रतिरोध-(2021), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  15. दलित और वैचारिक क्रांति-(2022), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली

5) काव्य-संग्रह:

  1. निष्क्रियता के विरुद्ध (काव्य-संग्रह-2006), विचार भूमि प्रकाशन, फैज़ाबाद
  2. प्रेमांजलि (गीत-संग्रह-2015), विचार भूमि प्रकाशन, फैज़ाबाद
  3. फूल जरूर खिलेंगे (काव्य-संग्रह-2015), विचार भूमि प्रकाशन, फैज़ाबाद
  4. निर्माण की भूमिका (काव्य-संग्रह-2016), बोधि प्रकाशन, जयपुर (राजस्थान)
  5. विद्रूप अँधेरा (काव्य-संग्रह-2016), बोधि प्रकाशन, जयपुर (राजस्थान)
  6. अँधेरे की शिनाख़्त (काव्य-संग्रह-2018), बोधि प्रकाशन, जयपुर (राजस्थान)
  7. अँधेरे में जुगनू (काव्य-संग्रह-2018), बोधि प्रकाशन, जयपुर (राजस्थान)
  8. अँधेरे का नायक (काव्य-संग्रह-2018), बोधि प्रकाशन, जयपुर (राजस्थान)
  9. स्याह रात का सूरज (काव्य-संग्रह-2018), बोधि प्रकाशन, जयपुर (राजस्थान)
  10. संस्कृतियों का आत्मबोध (काव्य-संग्रह-2018), बोधि प्रकाशन, जयपुर (राजस्थान)
  11. धर्म के भाव ऊँचे हैं (काव्य-संग्रह-2018), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  12. सुनो भूदेव (काव्य-संग्रह-2019), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  13. ये राह पुरखतर है (ग़ज़ल-संग्रह-2019), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  14. मेरे हमराह (काव्य-संग्रह-2020), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  15. जय भीम कॉमरेड (काव्य-संग्रह-2020), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  16. सिर्फ तुम (काव्य-संग्रह-2021), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  17. नैसर्गिक प्रेम और स्त्रियाँ (काव्य-संग्रह-2021), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  18. लीला सूट लाल टाई (काव्य-संग्रह-2021), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  19. तुम्हारा हश्र मुक़र्रर है (काव्य-संग्रह-2021), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  20. खौफ़ का व्यापार (काव्य-संग्रह-2022), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  21. कसमें वादे प्यार वफा (काव्य-संग्रह-2024), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  22. तुम्हें प्रेम करते हुए (काव्य-संग्रह-2024), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  23. शेष प्रेम (काव्य संग्रह-2024), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  24. तुम अद्भुत हो (काव्य संग्रह-2025), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  25. कैक्टस सी तितलियाँ (काव्य संग्रह-2025), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  26. ऋतु सी वह (काव्य संग्रह-2025), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  27. मार्क्स से मायावती तक (काव्य संग्रह-2025), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  28. विपरीत समय में कविता (काव्य संग्रह-2025), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली
  29. सांसों की परछाइयाँ (काव्य संग्रह-2025), परिकल्पना प्रकाशन, सुभाष चौक, नई दिल्ली

6) साझा-संकलन:

  1. शब्द-शब्द प्रतिरोध (साझा काव्य-संग्रह-2018),
  2. काव्य-दर्पण (साझा काव्य-संग्रह-2019),
  3. गुलदस्ता (साझा काव्य-संग्रह-2019),
  4. फुलवारी (साझा काव्य-संग्रह-2019),
  5. नारी शक्ति (साझा काव्य-संग्रह-2019),
  6. काव्य सुरभि (साझा काव्य-संग्रह-2019),
  7. काव्य संगम (साझा काव्य-संग्रह-2019),
  8. निभा (साझा काव्य-संग्रह-2020),
  9. फेसबुक के नगीने (साझा लेख-संग्रह-2020),
  10. प्रेमपाखी सुनो (साझा काव्य-संग्रह-2020),
  11. कब तक मारे जाओगे (साझा काव्य-संग्रह-2020),
  12. समकालीन हिंदी कविता (साझा काव्य-संग्रह-2020),
  13. हिंदी दलित कविता: विचार और विमर्श (साझा लेख-संग्रह-2020),
  14. कोहिनूर (साझा काव्य-संग्रह-2020),
  15. हरसिंगार (साझा काव्य-संग्रह-2020),
  16. मलखान सिंह: संवेदना और यथार्थ (साझा लेख-संग्रह-2020),
  17. अपराजिता (साझा काव्य-संग्रह-2020),
  18. सुलगते शब्द (साझा काव्य-संग्रह-2021),
  19. प्रवासी मजदूर और उसकी संवेदनाएँ (साझा काव्य-संग्रह-2021),
  20. कोरोना काल में दलित कविता (साझा काव्य-संग्रह-2021),
  21. संघर्ष (साझा काव्य-संग्रह-2021),
  22. जीवन के रंग (साझा काव्य-संग्रह-2021),
  23. खुशबू की तलाश में गुलमोहर (साझा काव्य-संग्रह-2021),
  24. आशाओं के दीप (साझा काव्य-संग्रह-2022),
  25. युग चेतना (साझा काव्य-संग्रह-2023), कलमकार प्रकाशन, दिल्ली
  26. संवाद के रास्ते से गुजरते हुए (साझा काव्य-संग्रह-2025), अमन प्रकाशन, कानपुर

सम्मान/प्रशस्ति-पत्र:

  1. प्रेस क्लब अयोध्या द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित।
  2. शिव सामंत मिट्टी फैज़ाबाद द्वारा मानवता सम्मान-पत्र देकर सम्मानित।
  3. दलित साहित्य संस्थान दिल्ली द्वारा "आम्बेडकर फेलोशिप सम्मान" के लिए आमंत्रित परन्तु लेने नहीं जा सके।
  4. ऋचा साहित्य संस्थान कटनी, मध्य प्रदेश द्वारा प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित।
  5. बीमा कर्मचारी संघ बरेली डिवीजन द्वारा अपने 10वें निर्माण दिवस पर "श्रमिक आवाज" में प्रकाशित आलेख के लिए स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित।
  6. फैज़ाबाद पुस्तक मेला 2016 में नारायण दास खत्री मेमोरियल ट्रस्ट फैज़ाबाद द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित।
  7. स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव और अशफ़ाक उल्लाह की याद में कवि सम्मेलन और मुशायरा में परिवहन निगम फैज़ाबाद द्वारा 14 अगस्त 2018 को स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित।
  8. बेस्ट कपल 2019 के लिए नूगाबेस्ट फैज़ाबाद द्वारा स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित।
  9. भारतीय बौद्ध महासभा फैज़ाबाद, उत्तर प्रदेश द्वारा "साहित्य रत्न सम्मान 2019" वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जयप्रकाश कर्दम के कर कमलों द्वारा देकर सम्मानित।
  10. 2 नवंबर 2020 को डॉ. नरेंद्र वाल्मीकि, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश द्वारा "कब तक मारे जाओगे" के कवि/लेखक के रूप में प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित।
  11. साहित्य चेतना मंच, सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) द्वारा साहित्यिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु "ओमप्रकाश वाल्मीकि स्मृति साहित्य सम्मान" 17 नवंबर 2020 को साहित्यकार ओमप्रकाश वाल्मीकि जी की स्मृति में प्रदान किया गया।

प्रकाशकों का नाम, पता और मोबाइल नंबर:

श्री चंद्रहास, रवीना प्रकाशन, दिल्ली (मो. 8700774571)

श्री शिवानंद तिवारी, परिकल्पना प्रकाशन, दिल्ली (मो. 9968084132)

श्री मायामृग, बोधि प्रकाशन, जयपुर, राजस्थान (मो. 9829018087)

श्री अजेय कुमार, उद्भावना प्रकाशन, दिल्ली (मो. 9811582902)

पत्रिकाएँ, जिनमें उन्हें स्थान मिला:

  1. हंस, 2) कथादेश, 3) गाँव के लोग, 4) हाशिए पर, 5) हाशिए की आवाज़, 6) पाठ, 7) युद्धरत आम आदमी, 8) छपते-छपते, 9) लहक, 10) नई सुबह, 11) नई धारा, 12) नया अध्याय, 13) अंबेडकर इन इंडिया, 14) डिप्रेस्ड एक्सप्रेस, 15) ग्रेस इंडिया, 16) जनमोर्चा दैनिक, 17) ग्राम टुडे, 18) रेड स्टार, 19) जनमत, 20) दलित दस्तक, 21) दस्तक, 22) रेवांत, 23) रिदम, 24) लोक संघर्ष, 25) मास संदेश, 26) अभिनव इमरोज़, 27) फिलहाल, 28) जनक्षेत्र, 29) ककसाड़, 30) कबीर धारा, 31) बहुजन युग, 32) पतहर, 33) अलाव, 34) दलित अस्मिता, 35) अनंतिम, 36) किरण वार्ता, 37) शांति शिखर, 38) राह-ए-इंक़लाब, 39) मुहिम, 40) दलित साहित्य वार्षिकी, 41) तीसरा पक्ष, 42) फॉरवर्ड प्रेस, 43) प्रणाम पर्यटन, 44) साहित्य एक्सप्रेस, 45) जनाकृति, 46) काव्य-दर्पण, 47) गुलदस्ता, 48) फुलवारी, 49) नारी शक्ति, 50) काव्य सुरभि, 51) काव्य संगम, 52) निभा, 53) फेसबुक के नगीने, 54) हमारा मोर्चा, 55) समकालीन परिदृश्य, 56) पीडब्ल्यूए.कॉम, 57) साहित्य नंदिनी, 58) बनास जन, 59) हरसिंगार, 60) बोधिसत्व बाबा साहब टुडे, 61) समहुत, 62) नया अभियान, 63) प्रबुद्ध विमर्श, 64) हमारी आखिरी आज़ादी, 65) संत्राची, 66) विचार वीथी, 68) इंक़लाब हिंदी.कॉम, 69) उद्भावना, 70) आदित्य संस्कृति, 71) अभिनव इमरोज.कॉम, 72) पूर्वापर, 73) जाति उन्मूलन, 74) सदीनाम, 75) ध्रुवतारा, 76) जन सम्मान, 77) व्यंजना, 78) अवध अर्चना, 79) सब के दावेदार, 80) कल के लिए, 81) युग तेवर, 82) नया अध्याय, 83) मधुर सौगात, 89) प्रतिबद्ध, 90) लीडर.कॉम, 91) हमारा मोर्चा.कॉम

पत्रिकाएँ, जिनके वे पाठक रहे हैं:

आनंद सर निम्नलिखित पत्रिकाओं के नियमित पाठक रहे हैं। जिनमें से अधिकांश के वे ग्राहक हैं तथा कुछ को मार्केट से क्रय करते हैं।1) हंस, 2) समयांतर, 3) इंडिया टुडे, 4) आउटलुक, 5) दुनिया इन दिनों, 6) फ्रंट लाइन, 7) मेन स्ट्रीम, 8) आजकल, 9) आम्बेडकर इन इंडिया, 10) दलित दस्तक, 11) डिप्रेस्ड एक्सप्रेस, 12) जनमत, 13) यादव शक्ति, 14) श्रमिक आवाज, 15) इंश्योरेंस वर्कर, 16) कबीर धारा, 17) सृजन सरोकार, 18) नया ज्ञानोदय, 19) लोक संघर्ष, 20) जनाकृति, 21) लमही, 22) सत्राची, 23) विभोर स्वर, 24) शिवना साहित्यिकी, 25) मुक्तांचल, 26) आश्वस्त, 27) गांव के लोग, 28) पाठ, 29) लहक, 30) जन विकल्प, 31) बनास जन, 32) रेड स्टार, 33) फिलहाल, 34) डेमोक्रेसी, 35) लोक लहर, 36) लोक युद्ध, 37) वागर्थ, 38) ककसाड़, 39) मुहिम, 40) रेवांत, 41) युद्धरत आम आदमी, 42) अभिनव कदम, 43) देश-विदेश, 44) छपते-छपते, 45) कमेरी दुनिया, 46) रिदम, 47) उद्भावना, 48) आलोचना, 49) प्रतिमान, 50) वाक, 51) बहुबचन, 52) नान्दी पाठ, 53) दिशा संधान, 54) दलित साहित्य वार्षिकी, 55) हाशिए पर, 56) हाशिए की आवाज, 57) दस्तक, 58) तद्भव, 59) मगहर, 60) पतहर, 61) मंतव्य, 62) अम्बेडकर कल्चर, 63) दलित अस्मिता, 64) तीसरा पक्ष, 65) बोधिसत्व बाबा साहेब टुडे, 67) प्रबुद्ध विमर्श, 68) अलाव, 60) फॉरवर्ड प्रेस, 70) बहुरि नहिं आवना, 71) सर्वहारा दृष्टिकोण, 72) प्रोलेटेरियन एरा, 73) इन साइड इंडिया, 74) सदानीरा, 75) अनन्तिम, 76) नवनीत, 77) पूर्वापर, 78) साहित्य गंधा, 79) व्यंजना, 80) अवध अर्चना, 81) द हिन्दू, 82) राष्ट्रीय सहारा, 83) प्राची, 84) सब के दावेदार, 85) बहुजन युग, 86) कल के लिए, 87) मास संदेश, 88) पहल, 89) हस्तांक, 90) सरिता, 91) नवनीत, 92) कथा देश, 93) राह-ए-इंकलाब, 94) प्रणाम पर्यटन, 95) साखी, 96) पाखी, 97) आह्वान, 98) अयोध्या की आवाज़, 99) क्राइम रिपोर्टर, 100) बिगुल, 101) कादम्बिनी, 102) युग तेवर, 103) पांचजन्य, 104) विकल्प, 105) जाति-उन्मूलन, 106) एनिहिलेशन ऑफ कास्ट, 107) कथाचली, 108) रेतपथ, 109) जनपथ, 110) नया पथ, 111) स्त्रीकाल, 112) साहित्य एक्सप्रेस, 113) ग्रेस इन इंडिया, 114) ऑर्गनाइजर, 115) दैनिक जनमोर्चा, 116) चिंतन दिशा, 117) समय मीमांसा, 118) रचना समय, 119) समय के साखी, 120) किरण वार्ता, 121) जनक्षेत्र, 122) सब लोग, 123) समीक्षा, 124) बोधिसत्व मिशन, 125) नया अध्याय, 126) जन सम्मान, 127) सृजन कुंज, 128) ध्रुवतारा, 129) परिकथा, 130) सदीनामा, 131) कथासंवेत, 132) शीतलवाणी, 133) पंखुड़ी, 134) मधुर सौगात, 135) अवर ब्रेव इण्डिया, 136) मार्क्सिस्ट, 137) आम्बेडकर दर्शन, 138) आश्वस्त, 139) समता संवाद, 140) गुड़िया, 141) इतिहास बोध, 142) निर्णायक भीम, 143) बौद्ध धर्म प्रचारक, 144) पल-प्रतिपल, 145) तीसरी दुनिया, 146) प्रतिबद्ध, 147) बिम्ब-प्रतिबिम्ब, 148) कवि-कुम्भ, 149) शब्दिता, 150) यथार्थ, 151) वर्तमान साहित्य, 152) अभिव्यक्ति, 153) समकाल, 154) शबद निरंतर, 155) प्रयाग पथ, 156) धम्म भूमि श्रेष्ठ जीवन, 157) प्रसंग

डॉ. संदीपा दीक्षित

मया बाजार, फैज़ाबाद